डेंगू IgM पॉजिटिव आया? जानिए इसका मतलब और आगे क्या करना है
डेंगू IgM पॉजिटिव का मतलब क्या है, NS1 से क्या फर्क है, और रिपोर्ट आने के बाद क्या करना चाहिए — जानिए आसान हिंदी में।
डेंगू IgM पॉजिटिव का मतलब क्या है?
अगर आपकी डेंगू रिपोर्ट में IgM पॉजिटिव आया है, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर ने डेंगू वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाना शुरू कर दिया है। आसान भाषा में — आपको डेंगू हुआ है, और ये अभी का (recent) इन्फेक्शन है।
IgM एंटीबॉडी आमतौर पर बुखार के 4-5वें दिन से बननी शुरू होती है और कई हफ्तों तक खून में रहती है।
NS1 और IgM में क्या फर्क है?
ये दोनों डेंगू के अलग-अलग स्टेज पर पॉजिटिव होते हैं:
- NS1 एंटीजन — बुखार के पहले 1-5 दिनों में पॉजिटिव होता है। ये वायरस का हिस्सा है।
- IgM एंटीबॉडी — बुखार के 5वें दिन के बाद पॉजिटिव होता है। ये शरीर की प्रतिक्रिया है।
- IgG एंटीबॉडी — पुराने इन्फेक्शन को दिखाता है।
इसलिए अगर बुखार को 6-7 दिन हो गए हैं और NS1 नेगेटिव आया है, तो घबराएं नहीं — IgM टेस्ट कराएं।
IgM पॉजिटिव आने के बाद क्या करें?
1. घबराएं नहीं — ज्यादातर डेंगू केस घर पर ठीक हो जाते हैं 2. पानी खूब पिएं — डिहाइड्रेशन से बचें 3. बुखार के लिए पैरासिटामोल लें — एस्पिरिन या ब्रूफेन न लें 4. प्लेटलेट काउंट पर नजर रखें — डॉक्टर की सलाह पर CBC दोहराएं 5. आराम करें — शरीर को लड़ने का समय दें
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
इन लक्षणों में देर न करें:
- पेट में तेज दर्द या लगातार उल्टी
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर
- पेशाब कम आना
- प्लेटलेट 50,000 से नीचे जाना
लखनऊ में डेंगू टेस्ट कहां कराएं?
Dr Lal PathLabs में डेंगू NS1, IgM और IgG तीनों टेस्ट उपलब्ध हैं। फ्री होम कलेक्शन की सुविधा भी है।
कॉल करें: +91 9451155402