GGT टेस्ट क्या है? जानिए इसका मतलब हिंदी में
GGT टेस्ट क्या है, बढ़ने का मतलब क्या होता है, और ALP के साथ क्यों देखा जाता है — जानिए आसान हिंदी में।
GGT टेस्ट क्या होता है?
GGT यानी Gamma-Glutamyl Transferase — ये एक एंजाइम है जो सबसे ज्यादा लिवर में पाया जाता है। जब लिवर पर दबाव पड़ता है या पित्त नली में रुकावट होती है, तो खून में GGT का लेवल बढ़ जाता है। डॉक्टर इसे अक्सर LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) के साथ कराते हैं।
GGT बढ़ने के आम कारण
- शराब का सेवन — GGT शराब से होने वाले लिवर डैमेज का सबसे संवेदनशील मार्कर है
- फैटी लिवर — मोटापे या डायबिटीज से जुड़ा लिवर फैट
- पित्त नली में रुकावट — पथरी या सूजन
- कुछ दवाएं — जैसे मिर्गी या टीबी की दवाएं
- हेपेटाइटिस — वायरल लिवर इन्फेक्शन
GGT और ALP का रिश्ता
ये दोनों अक्सर साथ में देखे जाते हैं क्योंकि मिलकर सही तस्वीर देते हैं:
- GGT + ALP दोनों बढ़े — पक्का लिवर या पित्त नली की दिक्कत
- सिर्फ ALP बढ़ा, GGT नॉर्मल — हड्डियों की तरफ इशारा
- सिर्फ GGT बढ़ा — शराब या दवा से जुड़ा लिवर स्ट्रेस
इसीलिए डॉक्टर ALP बढ़ने पर GGT जरूर कराते हैं — ताकि गलत डायग्नोसिस न हो।
GGT की नॉर्मल रेंज क्या है?
आमतौर पर पुरुषों में 9-48 U/L और महिलाओं में 9-32 U/L के आसपास। पर हर लैब की रेंज थोड़ी अलग हो सकती है — हमेशा अपनी रिपोर्ट पर छपी रेंज देखें।
GGT बढ़ा आए तो क्या करें?
1. शराब पूरी तरह बंद करें — सबसे पहला और जरूरी कदम 2. वजन कम करें — फैटी लिवर में वजन घटाना सबसे असरदार इलाज है 3. डॉक्टर से दवाएं रिव्यू कराएं — कोई दवा GGT बढ़ा रही हो तो 4. हेपेटाइटिस की जांच — जरूरत हो तो वायरल मार्कर टेस्ट 5. 3 महीने बाद दोबारा टेस्ट — लाइफस्टाइल बदलने का असर देखने के लिए
लखनऊ में GGT टेस्ट कहां कराएं?
Dr Lal PathLabs में GGT टेस्ट LFT पैनल के साथ या अलग से उपलब्ध है। फ्री होम कलेक्शन की सुविधा भी है।
कॉल करें: +91 9451155402